उत्तराखंड

कांग्रेस की कमजोर सरकार सीमा पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाई – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने डमरु बजाकर जनसभा को किया संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाये सरकार के काम
ऋषिकेश। लोकसभा चुनाव 2024 की आचार संहिता लगने के बाद यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड पहुंचे हैं। ऋषिकेश के आईडीपीएल खेल मैदान में डमरु बजाकर उनके चुनावी जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी उत्तराखंड आता हूं पुरानी यादें ताज़ा करता हूं। प्रधानमंत्री के संबोधन शुरू करते ही मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे। जिस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि तमिलनाडु में भी लोग कह रहे फिर एक बार मोदी सरकार। पीएम ने कहा कि देश मे ऐसी सरकार है जिसने 10 साल कई काम किए। आतंकियों को घर में घुस कर मारा जाता है। ये मोदी की मजबूत सरकार है। महिलाओं को लोक व विधानसभा में आरक्षण दिया। वन रैंक वन पेंशन का लाभ दिया। उत्तराखंड में भी साढ़े तीन करोड़ से अधिक पूर्व सैनिकों को मिला है।
संबोधन के दौरान मोदी-मोदी के नारे लगने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ये उत्साह 19 अप्रैल तक रखना है। पीएम मोदी ने कहा कि मोदी सरकार ना होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी लागू ना होता। कांग्रेस की कमजोर सरकार सीमा पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाई। आज सीमाओं पर सड़कें चकाचक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन और चारधाम यात्रा का उत्तराखंड को विकसित करने में बड़ा योगदान है। कहा कि पर्यटकों का उत्तराखंड में पहुंचना आसान होना चाहिए। इसके लिए रोड कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि यहां ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से काम हो रहा है। दिल्ली से देहरादून की दूरी सिमट रही है। उत्तराखंड के सीमावर्ती गांव को कांग्रेस अंतिम गांव कहती थी, हमने उसे पहला गांव बनाकर विकास किया है। आदि कैलाश के लिए हेलिकाॅप्टर सेवा शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा को भी सुगम बनाने की ओर सरकार काम कर रही है।
यह सब इसलिए हो रहा भाजपा की नीयत सही है। जब नीयत सही होती है तो नतीजे भी सही मिलते हैं। केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। बीते वर्ष 55 लाख तीर्थयात्री यहां पहुंचे। मानसखंड में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। पर्यटन बढ़ने का मतलब है रोजगार का बढ़ना। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में हो रहे विकास में अब पलायन की जड़ों को बीते दिनों की बात बताया गया है। उत्तराखंड के नाैजवानों ने स्टार्टअप शुरू किए। यहां बेटियां आगे बढ़ रही हैं।

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