उत्तराखंड

जम्मू कश्मीर का पंचायत प्रतिनिधि दल पहुंचा डोईवाला! 36 सदस्यीय दल पंचायत कार्यों का किया अध्ययन

डोईवाला से जावेद हुसैन की रिपोर्ट: जम्मू कश्मीर के 36 पंचायत सदस्य इन दिनों उत्तराखंड में पंचायती राज कार्यों के अध्ययन के लिए उत्तराखंड के दौरे पर हैं। जम्मू कश्मीर के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का यह तीसरा दल है जो 5 दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचा है।
जम्मू कश्मीर के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का 36 सदस्य दल डोईवाला के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायत कार्यों का निरीक्षण करने के बाद डोईवाला ब्लॉक सभागार में पहुंचा।
डोईवाला पहुंचे सभी पंचायत प्रतिनिधियों का डोईवाला के ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल और बीडीओ बीएस नेगी के साथ तमाम ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने फूल मालाओं से जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

ब्लॉक सभागार में डोईवाला के मनरेगा के डी डी ओ ने विस्तारपूर्वक जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों मंडल को मनरेगा व आजीविका मिशन के तहत होने वाले विकास कार्यों की जानकारी दी।

जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व कर रहे जम्मू कश्मीर के ही एक विकासखंड के वीडियो ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के पंचायती राज कार्यों में बहुत अंतर है उत्तराखंड में जहां पंचायतों को बे तमाम अधिकार प्राप्त हैं गांव क्षेत्र के विकास की योजनाएं पंचायत प्रतिनिधि ही बनाते हैं तो वहीं जम्मू-कश्मीर में एक पंचायत सरपंच ही होता है जो अपने गांव के विकास की योजनाएं बनाकर उन्हें मूर्त रूप देता है तमाम कार्यों से रूबरू होने के बाद जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधि मंडल ने तमाम तरह के अध्ययन किए और कार्यों की जानकारी ली।

पंचायत प्रतिनिधियों के डोईवाला में नोडल अधिकारी जोशी ने बताया कि 5 दिन के शैक्षणिक और अध्ययन के लिए जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधि मंडल दल के सभी सदस्य डोईवाला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचे जहां तमाम जानकारियां लेकर पंचायत के काम की जानकारी ले रहे है।डोईवाला ब्लॉक में आदर सत्कार से उत्साहित जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड दौरे को बेहद खूबसूरत और उत्साह वर्धके बताते हुए सरकार का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया।

उत्तराखंड के पांच दिवसीय शैक्षणिक और अध्ययन दौरे से जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों ने जहां तमाम जानकारियां प्राप्त की तो वही अपने अनुभव से अब जम्मू कश्मीर की पंचायतों को भी उत्तराखंड के अनुभव का लाभ देने का प्रयास करेंगे जो जम्मू कश्मीर की पंचायतों को नए विकास से जोड़ने का काम भी शुरू होगा।

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